शिशु
लिंग
अनुपात
(0-6) वर्ष
लिंग
अनुपात
एक अति
संवेदनशील
सूचक है
जो
महिलाओं
की
स्थिति
दर्शाता
है।
बालिकाओँ
को समान
सम्मान
और
प्यार
देने की
भावना
सृजित
करने के
लिए
संयुक्त
प्रयासों
की
आवश्यकता
है। 0-6
वर्ष के
बच्चों
में
लिंग
अनुपात
पंजाब,
हरियाणा,
हिमाचल
प्रदेश,
दिल्ली
और
गुजरात
में
निरंतर
कम होता
जा रहा
है।
बहुत से
परिवार
पुत्र
की चाह
में
मादा
भ्रूण
को
जानबूझ
कर नष्ट
करा
देते
हैं
दुर्भाग्यवश
ऐसा
अधिक
शिक्षित
और
संपन्न
परिवारों
में हो
रहा है।
इसका
मुख्य
प्रयोजन
संपत्ति
और
परिवार
के
व्यवसाय
को
बचाना
तथा
दहेज
देने से
बचना
है। यदि
इस
मानसिक
स्थिति
को
बदलना
है तो
समाज के
अग्रण
व्यक्तयों
को
मार्ग
प्रशक्त
करना
होगा।
अन्यथा
जनसंख्या
में
असंतुलन
पैदा हो
जाएगा,
जिससे
महिलाओं
के
विरूद्ध
अपराध
बढ़ने
जैसी
अनेक
सामाजिक
समस्याएं
पैदा
होंगी।
बाल
लिंग
अनुपात
पोस्टर
सौजन्यः
पापूलेशन
फर्स्ट,
शेट्टी
हाऊस,
तीसरी
माला, 101
महात्मा
गांधी
मार्ग,
मुंबई- 400023
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जनसंख्या
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जनसंख्या
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