कुल
जनसंख्या
का एक
तिहाई
से
अधिक
भाग 18
वर्ष
से कम
आयु का
है।
विश्व
में
युवकों
की
जनसंख्या
हमारे
यहां
सबसे
अधिक
है।
यदि
देश
युवा
लोगों
को
स्वास्थ्य
सुविधाएं
और
शिक्षा
अपर्याप्त
मात्रा
में
पर्याप्त
मात्रा
हो और
उन्हें
समाज
का
उपयोगी
होने
से रोक
दिया
जाए तो
यह कोई
"जनसांख्यिक
लाभांश"
नही
माना
जाएगा।
यदि
प्रत्येक
नई
पीढ़ी
बच्चों
के
जन्म
में
अंतर
रखने
और
परिवार
का
आकार
सीमित
रखने
में
असफल
रहती
है तो
इसे "जनसांख्यिक
ट्रैप"
कहा
जाता
है।
38
प्रतिशत
बच्चों
के नाम
रजिस्टर
नहीं
कराया
जाता
जिससे
योजना
और
राष्ट्रीयता
पर
प्रतिकूल
पड़ता
है।
कुल
मौतों
में से
दो-तिहाई
मौतें
जन्म
के
पहले
सप्ताह
में हो
जाती
हैं और
उनमें
से दो-तिहाई
मौतें
जन्म
से दो
दिन के
भीतर
हो
जाती
हैं।
इस
प्रकार
नवजात
शिशुओं
में से 45
प्रतिशत
शिशुओं
की मौत
उनके
जन्म
से 48
घंटों
के
भीतर
हो
जाती
है।
0-6
वर्ष
के
आयुवर्ग
की
लड़कियों
की
संख्या
कम
होते
जाना
एक
खतरे
की
चेतावनी
है।
प्रत्येक
1000
लड़कों
के
पीछे
केवल 927
लड़कियां
हैं और
पंजाब
व
हरियाणा
में तो
यह
संख्या
क्रमशः
798 व 819
हैं।