|
सामान्य
पुरूषों
के लिए
क्या
गर्भनिरोधक
विकल्प
उपलब्ध
हैं?
पुरूषों
के लिए
गर्भ
निरोधक
विकल्प
है -
अस्थायी
सुरक्षा
के लिए
कंडोम
और
स्थायी
सुरक्षा
के लिए
नसबन्दी।
महिलाओं
के लिए
गर्भ
निरोधक
विकल्प
क्या-क्या
है?
महिलाओं
के लिए
उपलब्ध
गर्भ
निरोधक
विकल्प
हैं (1)
जनाना
कंडोम (2)
स्पर्मिसाइडस
(3) मौखिक
गोलियां
(4)
इंजैक्शन
द्वारा
दिए
जाने
वाले
गर्भ
निरोधक (5)
इन्टरा
युटरीन
डिवाइज (6)
ट्यूब
को बन्द
करना (ट्यूबक्टोमी)
जरूरत
केआधार
पर
उपलब्ध
गर्भ
निरोधकों
की
पहुंच
कहां तक
है?
जरूरत
के आधार
पर
उपलब्ध
गर्भनिरोधकों
की
पहुंच
निम्न
प्रकार
से हैः
|
स्थिति |
गर्भनिरोधक
विकल्प |
किशोर/युवा
विवाहित
दम्पत्ति
- जिन की कोई
सन्तान
न हो।
|
- स्त्री/परुष
के कंडोम
- संयुक्त
हॉरमोन
गर्भनिरोधक
गोलियां
- प्रोजेस्ट्रीन
की गोलियां
- सेन्टकरोमन
(सहेली)
- प्राकृतिक
परिवार-नियोजन
|
|
विवाहित
दम्पत्ति
- /जिनके बच्चे
हैं, बच्चों
में अन्तराल
चाहते हैं। |
- स्त्री/पुरूष
के कंडोम
- संयुक्त
हारमोनल
गर्भ निरोधक
गोलियां
- आई यू
डी
|
|
विवाहित
दम्पत्ति
- जिनके परिवार
परिपूर्ण
हैं। |
- प्रोजेस्टीन
केवल गोलियां
- डैपो
- प्रोवेरा
|
|
|
- आई यू
डी
- स्त्री/पुरूष
नसबन्दी
|
|
स्तनपान
कराने वाली
माताएं |
- स्त्री/पुरूष
कंडोम
- प्रोजेस्टीन
की केवल
गोलियां
- डैपो
- प्रोवेरा
- आई यू
डी
|
पुरूष
कंडोम
पुरूष
कंडोम
क्या
होता है?
पुरूष
कंडोम
वह थैली
है जो कि
पुरूष
के खड़े
लिंग पर
चढ़ाने
के लिए
बनाई
जाती
है।
यह
किस चीज
से बनाई
जाती है?
अधिकतर
कंडोम
लेटैक्स
रबर से
बनाए
जाते
है।
कंडोम
के
उपयोग
के क्या
लाभ
होते
हैं?
कंडोम
के
उपयोग
के
निम्नलिखित
लाभ हो
सकते
हैं - (1) जब
नियमित
रूप से
और सही
रूप से
कंडोम
का
इस्तेमाल
किया
जाता है
तो वह
सबसे
अधिक
भरोसे
की
विधियों
में से
एक है
जिनसे
जन्म पर
नियन्त्रण
बनता
है। (2)
इनका
उपयोग
उपभोक्ता
के लिए
सरल है।
थोड़े
से
अभ्यास
से वे
इसका
उपयोग
करके
सम्भोग
के
आनन्द
से
आत्मविश्वास
पा सकते
हैं। (3)
कंडोम
की
जरूरत
तभी
पड़ती
है जबकि
आप
सम्भोग
करना
चाहते
हैं
जबकि
अन्य
गर्भनिरोधक
आपको हर
समय
लेने
पड़ते
हैं या
धारण
करने
पड़ते
हैं। (4)
कंडोम
एकमात्र
ऐसा
साधन है
जो कि
यौन
सम्बन्धों
से
फैलने
वाले
रोगों
को
फैलने
से
रोकता
है
इनमें
एच आई वी
भी
शामिल
हैं जब
उनका
नियमित
और सही
इस्तेमाल
हो। (5)
किसी भी
उम्र के
पुरूष
इसे
धारण कर
सकते
हैं। (6)
सरलता
से
उपलब्ध
होते
हैं और
सभी जगह
मिलते
हैं।
एक
कंडोम
के
उपयोग
की
हानियां
क्या हो
सकती
हैं?
कंडोम
के
उपयोग
की
हानियां
निम्नलिखित
हैं - (1)
जिन
लोगों
को
लेटैक्स
से
अलर्जी
होती है
उन्हें
खुजली
दे सकता
है। (2)
सम्भोग
के समय
कंडोंम
के फट
जाने या
खिसक
जाने की
आशंका
रह सकती
है। (3)
यदि
वैसलीन
या तेल
से
चिकना
करके
इस्तेमाल
किया
जाए तो
कंडोम
कमजोर
पड़
सकता है
या टूट
सकता
है।
गर्भ से
सुरक्षा
देने
में
कंडोम
कितना
प्रभावशाली
है?
यदि 100
महिलाओं
के साथी
नियमित
रूप से
और सही
रूप से
कंडोम
का
उपयोग
शुरू
करते
हैं तो
पहले
वर्ष
में 100
में से 3
गर्भधारण
होते
हैं।
यदि
उपयोग
अनियमित
हो या
सही न हो
तो 14
गर्भधारण
की
सम्भावना
हो सकती
है।
गलत
या
अनुचित
उपयोग
के क्या
सम्भावित
कारण हो
सकते
हैं?
निम्नलिखित
कारणों
से इसका
गलत या
अनुचित
उपयोग
हो सकता
है - लिंग
के पूरी
तरह
खड़े
होने से
पहले ही
कंडोम
पहन
लेने के
कारण या
कंडोम
को पूरा
ऊपर तक न
पहनने
के कारण
आदि।
कंडोम
के उपयोग
को सही करने
की क्या
तकनीक है?
कंडोम
के सही उपयोग
की विधि
इस प्रकार
है
-
- सुनिश्चित
करें कि
पैकेट और
कंडोम अच्छी
स्थिति
में हैं,
यदि उस पर
समाप्ति
की तारीख
दी हो तो
ध्यान दें
कि कहीं
तारीख निकल
तो नहीं
चुकी।
- पैकेट
को एक कौने
से खोलें,
ध्यान दें
कि अपने
नाखूनों,
दांत से
या बड़ी
बरूखी से
कंडोंम
को साथ में
न काट दें।
- रोल किए
हुए कंडोम
को अपने
खड़े लिंग
के टिप पर
रखें।
- उसे नीचे
की ओर लिंग
के मूल आधार
तक पूरा
खोल दें,
अगर कोई
हवा के बब्बल
आ गए हैं
तो उन्हें
निकालें
(हवा के बबूले
कंडोंम
को तोड़
सकते हैं)
- ऊपर कंडोम
के टिप पर
कम से कम
आधा इंच
जगह छोड़
दें ताकि
विर्य उसमें
एकत्रित
हो सके।
- यदि आपको
कुछ चिकनापन
चाहिए तो
उसे कंडोम
के बाहर
लगाएं।
परन्तु
हमेशा जल
आधारित
चिकनाई
का प्रयोग
करें
(जैसे कि
'के वाई' जैली
जो कि दवा
की दुकान
पर आमतौर
पर मिल जाती
है) तेल आधारित
चिकनाई
जैसे वैसलीन/बेबी
ऑयल। नारियल
तेल का उपयोग
न करें क्योंकि
इससे लेटैक्स
टूट सकता
है।
यदि
रोल किया
हुआ कंडोम
खुले न तो
क्या करना
चाहिए?
कंडोम
को लिंग
के ऊपरी
भाग पर रिम
से रोल करते
हुए सरलता
से और कोमलता
से खोलना
चाहिए।
यदि आपको
उससे जुझना
पड़े तो
या कुछ सैकेन्ड
से अधिक
समय लगे
तो सम्भवतः
इसका अर्थ
है कि आप
उसे उल्टा
चढ़ा रहे
हैं। कंडोम
को उतारने
के लिए उसे
ऊपर तक वापिस
रोल नहीं
करना है।
रिम से उसे
पकड़ो और
खींच लो
और फिर दूसरा
नया कंडोम
चढाओ।
कंडोम
को कब हटाना
चाहिए?
लिंग के
ढीले पड़ने
से पहले
उस खींचना
है और कंडोम
को लिंग
के अन्त
में रोको,
ध्यान पूर्वक
खोंचो कि
वीर्य बाहर
की ओर बिखरे
नहीं।
कंडोम
को फेंकना
कैसे चाहिए?
कंडोम
को सही तरीके
से फेंकना
चाहिए
- उदाहरणतः
किसी कागज
या टिशू
में लपेट
कर फेंकना
चाहिए।
उसे टॉयलेट
मे डालना
उचित नहीं
- यह प्राकृतिक
रूप से घुलता
नहीं इसलिए
सीवर को
बन्द कर
सकता है।
यदि
सम्भोग
करते हुए
कंडोम फट
जाए तो क्या
करना चाहिए?
यदि सम्भोग
करते समय
कंडोम फट
जाए, तो जल्दी
से उसे उतारें
और दूसरा
लगायें।
सम्भोग
करते हुए,
समय-समय
पर कंडोम
को देखते
रहें कि
कहीं वह
खिसक न जाए
या फट न जाए।
यदि कंडोम
फट जाए या
आप को लगे
कि सम्भोग
के दौरान
वीर्य बाहर
निकल गया
है तो आपातकालीन
गर्भनिरोधक
लेने पर
विचार करें
जैसे कि
सुबह उठते
ही गोली
ले लेना।
क्या
एक की अपेक्षा
दो कंडोम
अधिक प्रभावशाली
रहते है?
एक ही समय
में दो कंडोम
का उपयोग
न करें, क्योंकि
जब दो लेटैक्स
आपस में
पगड़ खायेंगे
तो फट जायेंगे।
कृपया
कंडोम की
देखभाल
से सम्बन्धित
कुछ टिप्स
बतायें।
- सम्भव
हो सके तो
कंडोम को
ठन्डे अंधेरे
स्थान पर
रखें।
- कंडोम
को अतिरिक्त
गर्मी, रोशनी
और हुमस
से बचायें।
- सावधानी
से पकड़ें।
नाखून और
अंगूठी
उसे हानि
पहुंचा
सकते हैं।
- उपयोग
से पहले
उसे खोले
नहीं, इससे
वे कमजोर
हो जाते
हैं और खोले
बिना भी
चढ़ाना
कठिन है।
यदि
कंडोम अथवा
चिकनाई
से जननेन्द्रिय
मे खुजली
या रैश हो
जाए तो क्या
करना चाहिए?
यदि कंडोम
अथवा चिकनाई
से जननेन्द्रिय
में खुजली
या रैश हो
जाए तो निम्नलिखित
उपचार करें
-
- पानी
को चिकनाई
की तरह इस्तेमाल
करने का
प्रयास
करें
- खुजली
और एलर्जी
तो नहीं
है इसके
लिए डाक्टर
के पास जायें।
यदि
कंडोम चढाते
हुए या उसका
उपयोग करते
समय किसी
पुरूष का
लिंग खड़ा
नही रह पाता
तो क्या
करना चाहिए?
ऐसी स्थिति
मे निम्नलिखित
करें
-
- स्परमिसिड
के बिना
वाले सूखे
कंडोम का
उपयोग करने
का प्रयास
करें।
- अपनी
साथी महिला
साथी से
उसे चढ़ाने
के लिए कहें
जिससे उसके
प्रयोग
से ज्यादा
मजा आयेगा।
- लिंग
पर अधिक
पानी जल
आधारित
चिकनाई
जैसे कि
के वाई जैली
का प्रयोग
करें और
कंडोम चढे
लिंग पर
बाहर से
अधिक चिकनाई
लगायें।
महिला
कंडोम
महिला
कंडोम क्या
होता है?
महिला
कंडोम
17 सेमी.
(6.5 इंच) लम्बी
पोलीउस्थ्रेन
की थैली
होतीहै।
सम्भोग
के समय पहना
जाता है।
यह सारी
योनि को
ढक देती
है जिससे
गर्भ धारण
नहीं होता
और एच आई
वी सहित
यौन सम्पर्क
से होने
वाले रोग
नहीं होते।
महिला
कंडोम की
क्या विशेषता
है?
कंडोम
के दोनों
किनारों
पर लचीला
रिंग होता
है। थैली
के बन्द
किनारे
की ओर से
लचीले रिंग
को योनि
के अन्दर
डाला जाता
है ताकि
कंडोम अपनी
जगह पर लग
जाए। थैली
की दूसरी
ओर खुले
किनारे
का रिंग
बल्वा के
बाहर योनि
द्वार पर
रहता है।
लिंग को
अन्दर डालते
समय वह रिंग
एक मार्गदर्शक
का काम करता
है और थैली
को योनि
में ऊपर
नीचे उछलने
से रोकता
है। कंडोम
में पहले
से ही सिलिकोन
आधारित
चिकनाई
लगी रहती
है।
महिला
के उपयोग
के लाभ क्या
हैं?
महिला
कंडोम के
उपयोग के
लाभ इस प्रकार
हैं
-
- कंडोम
प्रयोग
को अपने
साथी के
साथ के बांटने
का अवसर
महिला को
मिलता है।
- यदि पुरूष
कंडोम प्रयोग
के लिए राजी
न हो तो महिला
अपने लिए
कर सकती
है।
- पौलियूरथेन
से बने महिला
कंडोम से
पुरूष के
लेटैक्स
से बने कंडोम
की अपेक्षा
एलर्जी
की सम्भावनाएं
कम रहती
हैं।
- यदि सही
इस्तेमाल
किया जाए
तो यह गर्भ
धारण एवं
एसटीडी
से बचाता
है।
- सम्भोग
के आठ घन्टे
पहल से लगाया
जा सकता
है इसलिए
इससे रतिक्रिया
में बाधा
नहीं पड़ती।
- पौलियूथरेन
पतला होता
है और ऊष्मता
को सह जाता
है अतः यौन
अनुभूत
बनी रहती
है।
- इसे तेल
आधारित
चिकनाई
से काम में
लाया जा
सकता है।
- इसको
रखने के
लिए किसी
विशेष सावधानी
की जरूरत
नहीं पड़ती
क्योंकि
पोलियूथेन
पर तापमान
और आर्द्रता
के बदलाव
का असर नहीं
पड़ता।
जनाना कंडोम
निर्मित
के पांच
साल बाद
तक काम में
लायें जा
सकते हैं।
गर्भधारण
को रोकने
में जनाना
कंडोम कितना
प्रभावशाली
है?
यदि इसका
सही ढ़ंग
से और नियमित
रूप से प्रयोग
किया जाए
तो इसकी
प्रभविष्णुता
98 प्रतिशत
है अगर सही
और नियमित
न हो तो प्रभविष्णुता
की दर घट
जाती है।
जनाना
कंडोम के
उपयोग की
सही विधि
क्या है?
ज कंडोम
के उपयोग
की सही विधि
इस प्रकार
है
-
- पैकेट
को सावधानी
से खोलें-
अन्दर डालने
के लिए सुविधाजनक
स्थिति
चुने-पालथी,
एक टां उठाकर,
बैठकर या
लेटकर
- कंडोम
के अन्दर
वाले रिंग
को अन्दर
दबाएं अंगूठे
और मध्यमा
की मदद से
ताकि वह
लंम्बा
और तंग हो
जाए और तब
आन्तरिक
रिंग और
थैली को
यानि द्वार
से डालें।
- तर्जनी
को कंडोम
के अन्दर
डालें और
रिंग जहां
तक जाये
उसमें दबा
दें।
- सुनिश्चत
करें कि
कंडोमं
सीधा लगा
है और योनि
में जाकर
मुडे नहीं।
बाहरी रिंग
योनि से
बाहर ही
रहना चाहिए।
- लिंग
को डालते
हुए उसे
कंडोम के
अन्दर ले
जाने का
रास्ता
दिखायें
और ध्यान
रखें कि
वह कंडोम
से बाहर
योनि में
न चला जाए।
क्या
महिला कंडोम
का प्रयोग
सरल है?
महिला
कंडोम का
उपयोग कठिन
नहीं है
परन्तु
उसके उपयोग
के लिए अभ्यास
की जरूरत
है। पहली
बार सम्भोग
के दौरान
इसका उपयोग
करने से
पहले महिला
को डालने
और निकालने
का अभ्यास
कर लेना
चाहिए।
संस्तुति
की जाती
है कि इसके
उपयोग में
आत्मविश्वस्त
होने और
सुविधा
महसूस करने
के लिए उपयोग
से पहले
कम से कम
तीन बार
इसका अभ्यास
कर लेना
चाहिए।
क्या
महिला कंडोम
के लिए चिकनाई
का प्रयोग
किया जाना
चाहिए, यदि
हां तो कैसी
चिकनाई?
महिला
कंडोम में
पहले से
ही चिकनाई
होती है,
उनमें सिलिकोन
आधारित
स्परमिसिडिल
रहित चिकनाई
होती है।
इससे कंडोम
को लगाने
में आसानी
होती है
और संभोग
की गतिविध
में सुविधा
रहती है।
पहले हो
सकता है
कि चिकनाई
से कंडोम
फिसले।
यदि बाहरी
रिंग कंडोम
कंडोम के
अन्दर चला
जाये या
योनि से
बाहर आ जाए
तो और अधिक
चिकनाई
की जरूरत
पड़ती है।
इसके अतिरिक्त,
अगर सम्भोग
के स |