एक
दशक में
जनसंख्या
वृद्धि
दर में
कमी आई
है। यह 1971
में 24.8
प्रतिशत
जो 2001 में
घटक 21.34
प्रतिशत
रह गई
परन्तु
अन्तर्राज्यीय
परिवर्तनों
से पता
चलता है
कि
जनसंख्या
में
स्थिरता
लाने के
उद्देश्यों
को
प्राप्त
करने
में कुछ
राज्य
कई दशक
का समय
लेंगे।
उदाहरण
के लिए
निम्नलिखित
वर्षों
की
दशाब्दी
वृद्धि
दरों की
तुलना
करेः
दशाब्दी
में
जनसंख्यावृद्धि
- 1991-2001
 |
|
|
राज्य |
वृद्धि |
|
केरल |
9-43 |
|
तमिलनाडू |
11-72 |
|
आन्ध्र
प्रदेश |
14-51 |
|
कर्नाटक |
17-51 |
|
हिमाचल
प्रदेश |
17-54 |
|
पश्चिम
बंगाल |
17-77 |
|
गुजरात |
22-66 |
|
महाराष्ट्र |
22-73 |
|
उत्तर
प्रदेश |
25-85 |
|
राजस्थान |
28-41 |
|
हरियाणा |
28-43 |
|
बिहार |
28-62 |
|
मध्य
प्रदेश |
24-26 |
|
केरल,
तमिलनाडू,
और
आन्ध्र
प्रदेश
द्वारा
की गई
प्रगति
असाधारण
है। इन
राज्यों
द्वारा
शिशु
मृत्यु
दर में
की गई
कमी की
तुलना
अगले
पृष्ठ
में दिए
गए
चित्र
दिखाई
गई है।

उत्तर
प्रदेश,
हरियाणा,
राजस्थान
और
बिहार
की
वृद्ध
दर
चिंता
का विषय
है।
इसलिए
लोगों
को
जानकारी
देकर
एवं
सेवाएं
उपलब्ध
कराकर
क्षेत्र
में
गर्भनरोधक
को
प्रोत्साहित
करने और
लोंगो
की
आवश्यकताओं
की
पूर्त
करने की
तत्काल
आवश्यकता
है।
|