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माहवारी
सम्बन्धी
समस्याएं
पीड़ा
दायक माहवारी
क्या होती
है?
पीड़ा
दायक माहवारी
मे निचले
उदर में
ऐंठनभरी
पीड़ा होती
है। किसी
औरत को तेज
दर्द हो
सकता है
जो आता और
जाता है
या मन्द
चुभने वाला
दर्द हो
सकता है।
इन से पीठ
में दर्द
हो सकता
है। दर्द
कई दिन पहले
भी शुरू
हो सकता
है और माहवारी
के एकदम
पहले भी
हो सकता
है। माहवारी
का रक्त
स्राव कम
होते ही
सामान्यतः
यह खत्म
हो जाता
है।
पीड़ादायक
माहवारी
का आप घर
पर क्या
उपचार कर
सकते हैं?
निम्नलिखित
उपचार हो
सकता है
कि आपको
पर्चे पर
लिखी दवाओं
से बचा
सकें।
(1) अपने उदर
के निचले
भाग
(नाभि से
नीचे) गर्म
सेक करें।
ध्यान रखें
कि सेंकने
वाले पैड
को रखे-रखे
सो मत जाएं।
(2) गर्म जल
से स्नान
करें।
(3) गर्म पेय
ही पियें।
(4) निचले
उदर के
आसपास अपनी
अंगुलियों
के पोरों
से गोल
गोल हल्की
मालिश करें।
(5) सैर करें
या नियमित
रूप से
व्यायाम
करें और
उसमें श्रेणी
को घुमाने
वाले व्यायाम
भी करें।
(6) साबुत
अनाज, फल
और सब्जियों
जैसे मिश्रित
कार्बोहाइड्रेटस
से भरपूर
आहार लें
पर उसमें
नमक, चीनी,
मदिरा एवं
कैफीन की
मात्रा
कम हो।
(7) हल्के
परन्तु
थोड़े-थोड़े
अन्तराल
पर भोजन
करें।
(8) ध्यान
अथवा योग
जैसी विश्राम
परक तकनीकों
का प्रयोग
करें।
(9) नीचे लेटने
पर अपनी
टांगे ऊंची
करके रखें
या घुटनों
को मोड़कर
किसी एक
ओर सोयें।
पीड़ादायक
माहवारी
के लिए
डाक्टर
से कब परामर्श
लेना चाहिए?
यदि
स्व-उपचार
से लगातार
तीन महीने
में दर्द
ठीक न हो
या रक्त
के बड़े-बड़े
थक्के निकलते
हों तो
डाक्टर
से परामर्श
लेना चाहिए।
यदि माहवारी
होने के
पांच से
अधिक दिन
पहले से
दर्द होने
लगे और
माहवारी
के बाद
भी होती
रहे तब
भी डाक्टर
के पास
जाना जाहिए।
माहवारी
से पहले
की स्थिति
के क्या
लक्षण हैं?
माहवारी
होने से
पहले
(पीएमएस)
के लक्षणों
का नाता
माहवारी
चक्र से
ही होता
है। सामान्यतः
ये लक्षण
माहवारी
शुरू होने
के
5 से
11 दिन पहले
शुरू हो
जाते हैं।
माहवारी
शुरू हो
जाने पर
सामान्यतः
लक्षण बन्द
हो जाते
हैं या
फिर कुछ
समय बाद
बन्द हो
जाते हैं।
इन लक्षणों
में सिर
दर्द, पैरों
में सूजन,
पीठ दर्द,
पेट में
मरोड़,
स्तनों
का ढीलापन
अथवा फूल
जाने की
अनुभूति
होती है।
पी.एम.एस.
(माहवारी
से पहले
बीमारी)
के कारण
क्या हैं?
पी.एम.एस.
का कारण
जाना नहीं
जा सका
है। यह
अधिकतर
20 से
40 वर्षों
की औरतों
में होता
है, एक बच्चे
की मां
या जिनके
परिवार
में कभी
कोई दबाव
में रहा
हो, या पहले
बच्चे के
होने के
बाद दबाव
के कारण
कोई महिला
बीमार रही
हो- उन्हें
होता है।
पी.एम.एस
(माहवारी
के पहले
की बीमारी)
का घर पर
कैसे इलाज
हो सकता
है?
पी.एम.एस
के स्व-
उपचार में
शामिल है-
(1) नियमित
व्यायाम
- प्रतिदिन
20 मिनट से
आधे घंटे
तक, जिसमें
तेज चलना
और साईकिल
चलाना भी
शामिल है।
(2) आहारपरक
उपाय साबुत
अनाज, सब्जियों
और फलों
को बढ़ाने
तथा नमक,
चीनी एवं
कॉफी को
घटाने या
बिल्कुल
बन्द करने
से लाभ
हो सकता
है।
(3) दैनिक
डायरी बनायें
या रोज
का रिकार्ड
रखें कि
लक्षण कैसे
थे, कितने
तेज थे
और कितनी
देर तक
रहे। लक्षणों
की डायरी
कम से कम
तीन महीने
तक रखें।
इससे डाक्टर
को न केवल
सही निदान
ढ़ंढने
मे मदद
मिलेगी,
उपचार की
उचित विधि
बताने में
भी सहायता
मिलेगी।
(4) उचित विश्राम
भी महत्वपूर्ण
है।
माहवारी
के स्राव
को कब भारी
माना जाता
है?
यदि
लगातार
छह घन्टे
तक हर घंटे
सैनेटरी
पैड स्राव
को सोख
कर भर जाता
है तो उसे
भारी पीरियड
कहा जाता
है।
भारी
माहवारी
के स्राव
के सामाय
कारण क्या
हैं?
भारी
माहवारी
स्राव के
कारणों
में शामिल
है
- (1) गर्भाषय
के अस्तर
में कुछ
निकल आना।
(2) जिसे अपक्रियात्मक
गर्भाषय
रक्त स्राव
कहा जाता
है। जिस
की व्याख्या
नहीं हो
पाई है।
(3) थायराइड
ग्रन्थि
की समस्याएं
(4) रक्त के
थक्के बनने
का रोग
(5) अंतरा
गर्भाषय
उपकरण
(6) दबाव।
लम्बा
माहवारी
पीरियड
किसे कहते
हैं?
लम्बा
पीरियड
वह है जो
कि सात
दिन से
भी अधिक
चले।
लम |