हस्तमैथुन
क्या
होता है?
यौनपरक
संवेदना
के लिए
जब
व्यक्ति
स्वयं
उत्तेजना
जगाता
है तब
उसे
हस्तमैथुन
कहा
जाता
है।
हस्तमैथुन
शब्द के
प्रयोग
से
सामान्यतः
यही
समझा
जाता है
कि वह
स्त्री
या वह
पुरूष
जो
कामोन्माद
की
चरमसीमा
का
तीव्र
आनन्द
पाने के
लिए
अपनी
जननेन्द्रियों
से
छेड़छाड़
करता
है।
चरमसीमा
का
अभिप्राय
उस परम
उत्तेजना
की
स्थिति
से है
जिसेमें
जननेन्द्रिय
की मांस
पेशयां
चरम
आनन्द
देने
वाली
अंगलीला
की कड़ी
में
प्रवेश
करती
हैं।
क्या
हस्तमैथुन
सामान्य
बात है?
हां,
हस्तमैथुन
प्राकृतिक
आत्म
अन्वेषण
की
स्वभाविक
प्रक्रिया
और यौन
भावाभिव्यक्ति
है।
क्या
यह सत्य
है कि
हस्तमैथुन
'सही
सम्भोग'
नहीं
है। और
केवल
असफल
लोग
हस्तमैथुन
करते
हैं?
नहीं,
यह सत्य
नहीं
है। कुछ
यौन
विशेषज्ञों
के
अनुसार
जो लोग
हस्थमैथुन
करते
हैं वे
साथी के
साथ यौन -
सम्भोग
करते
समय
बेहतर
कार्य
करतें
हैं
क्योंकि
अपने
शरीर को
जानते
हैं और
उनकी
कामाभिव्यक्ति
सन्तुष्ट
होती
है।
क्या
हस्तमैथुन
से
विकास
रूक
जाता है
या
गंजापन
उम्र से
पहले आ
जाता
है।
यह
सही
नहीं
है।
खड़पान
किसे
कहते
हैं?
खड़ेपन
का
अभिप्राय
लिंग के
बढ़ने,
सख्त
होने और
उठने से
हैं।
खड़पन
क्यों
होता है?
स्वभावतः
पुरूषों
में
लिंग का
खड़ा
होना
जीवनभर
चलता
रहता
है।
किशोरावस्था
में
लड़कों
में यह
खड़ापन
जल्दी
होता
है।
शारीरिक
अथवा
यौनपरक
उत्तेजना
से
खड़पना
हो सकता
है और
उसके
बिना भी
हो सकता
है।
सामान्यतः
खड़ापन
सपनों
से
जुड़ा
रहता है,
किशोरों
को एक ही
रात में
कम से कम
दो और
अधिक से
अधिक छह
बार
इसकी
अनुभूत
हो सकती
है।
क्या
दिन के
समया
खड़ापन
सामान्य
माना
जाता है?
हां,
पुरूष
के शरीर
का यह
लिल्कुल
सामान्य
कार्य
है,
विशेषकर
किशोरावस्था
से
गुजरने
वाले
लड़कों
के लिए।
कई बार
खड़ापन
यौनपरक
उत्तेजना
से होता
है जैसे
कि कोई
मूवी
देखना
या
यौनपरक
कल्पना
करने
से। कई
बार
बिना
किसी
कारण के
भी हो
सकता
है।
गीले
सपने
क्या
होते
हैं?
सोते
समय
लिंग से
वीर्य
का
अनियन्त्रित
रूप से
निकल
जाना
गीला
सपना
कहलाता
है। इस
तरल
पदार्थ
का रंग
क्रीम
जैसा या
रंगविहीन
होता
है।
गीले
सपने
कैसे
होते
हैं?
सपनों
में यौन
उत्तेजना
होने पर
या
कम्बल,
पलंग
अथवा
भरे हुए
मूत्राशय
से रगड़
लगने पर
शारीरिक
उत्तेजना
से गीले
सपने
आते
हैं।
क्या
गीले
सपनों
का आना
प्राकृतिक
क्रिया
है?
किशोरावस्था
में
शरीर
में
होने
वाले
बहुत से
परिवर्तनों
में
गीले
सपने भी
स्वभाविक
हैं।
सभी
लड़कों
को ये
नहीं
आते और
तो भी
ठीक ही
हैं।
यदि
किसी को
गीले
सपने ने
आते हों
तो इसका
यह अर्थ
नहीं कि
कुछ गलत
है।
क्या
लिंग के
माप कुछ
महत्व
हैं?
बहुत
से
लड़के
लिंग के
माप के
औचित्य
से
सम्बन्धित
प्रश्न
पूछते
हैं। यह
एक
स्वभाविक
और
सामान्य
बात है
विशेषकर
यदि वह
यौन
सम्भोग
न करता
हो या
करने की
सोच रहा
हो।
लिंग का
माप तो
जिन
सम्बन्धों
पर
आधारित
रहता है
जो कि
माता-पिता
से
ग्रहण
किया
जाता
है।
क्या
लिंग के
माप के
सम्बन्ध
में कोई
कुछ कर
सकता है?
लिंग
को
घटाने
या
बढ़ाने
के लिए
कोई कुछ
नहीं कर
सकता -
किशोरावस्था
से
निकलकर
जैसे ही
आप एक
लड़के
से एक
पुरूष
के रूप
में
विकसित
होते
हैं
लिंग भी
विकसित
हो जाता
है।
क्या
लिंग का
टेढ़ा
होना
सामान्य
बात है?
खड़ा
होने पर
पुरूष
के लिंग
का
हल्का
सा दाएं
या बाएं
झुककर
टेढ़ा
होना
अन्यन्त
सामान्य
बात है।
कुछ
पुरूषों
के लिंग
ऊपर की
ओर भी
मुड़
जाते
हैं।
यदि
लिंग
में
अचानक
कोई
लम्प आ
जाये
जिससे
वह
अप्राकृतिक
रूप से
मुड़
जाये तो
इसे
डाक्टर
ही देख
पाएगा।
क्या
लिंग के
माप का
सम्भोग
क्रिया
पर कुछ
प्रभाव
पड़ता
है?
सम्भोग
परक या
फिर
प्रजनन
के लिए
किए
जाने
वाले
कार्यों
के लिए
पुरूष
के लिंग
का माप
काफी से
बेहतर
होता
है।
पुरूष
को इस
बात का
पूरा
भरोसा
रखना
चाहिए
कि
सम्भोग
सुख या
क्रिया
से लिंग
के माप
का कोई
सम्बन्ध
नहीं
होता।
क्रिया
का
सम्बन्ध
तो
पुरूष
की
खड़ापन
पाने और
बनाये
रखने की
क्षमता
या
खड़ेपन
अथवा
बिना
खड़ेपन
के अपने
आपको और
अपने
साथी को
यौन परक
सम्भोग
का सुख
देने
में है
अतः
क्रिया,
वस्तुतः
माप पर
नहीं -
मांसपेशियों
और
प्रजनन
अंगों
की
नाड़ी
एवं
रक्त
आपूर्ति
पर
निर्भर
रहती
है।
वास्तव
में, यौन
सम्भोग
का सुख
व्यक्ति
की
मनःस्थिति
पर
निर्भर
करता है,
अपनी और
अपने
साथी की
जरूरतों
के
प्रति
सम्मान
पर
निर्भर
करता
है।
सम्भोग
के
दौरान,
योनि का
छिद्र
किसी भी
लिंग के
लिए न तो
बहुत
छोटा
होता है
और न ही
बहुत
बड़ा
क्योंकि
यह एक 'खाली
जगह' है
जो कि
मांसल
तंतुओं
से घिरी
रहती है
और
सामान्यतः
सभी माप
के
लिंगों
को
ग्रहण
कर सकती
है।
अण्डग्रन्थि
के
क्षेत्र
में
पीड़ा
के
सामान्य
कारण
क्या
हैं?
पीड़ा
के
सामान्य
कारण हो
सकते
हैं
(1) घाव
(2)
अण्डग्रन्थि
में
ऐंठन
(3)
अण्डग्रन्थि
में
कैंसर।
अण्डग्रन्थि
का ऐंठन
क्या
होता है?
यह
वह
स्थित
है जब कि
वीर्य
नली
कहलाने
वाली
जिस
सहारा
देने
वाली
नली से
अण्डग्रन्थि
जुड़ी
होती है
उसी पर
वे मुड़
जाती है
जिससे
कि
अण्डग्रन्थि
मे रक्त
की
आपूर्ति
कट जाती
है। ऐसे
में
अण्डकोश
नीलवर्ण
से
बैंगनी
रंग में
बदल
जाता है
और बहुत
पीड़ा
देता
है। यह
रोग की
आपातस्थिति
होता है,
एक दम
बताना
चाहिए।
अण्डग्रन्थि
में
कैंसर
में कौन
सी
चीजें
खतरा
पैदा
करती है?
निम्नलिखित
बातों
से
अण्डग्रन्थि
में
कैंसर
की
सम्भावना
बढ़
जाती
है।
इनमें (1)
जन्मजात
समस्या
जैसे कि
नीचे न
होने
वाली
अण्डग्रन्थि
(2)
पारिवारिक
इतिहास (3)
अण्डकोश
में चोट
लगने का
इतिहास
शामिल
हैं।
अण्डग्रन्थि
में
कैंसर
के क्या
सम्भावित
प्रारम्भिक
संकेत
होते
हैं?
प्रारम्भिक
स्थिति
में हो
सकता है
कि कोई
संकेत न
मिले
क्योंकि
इसमें
दर्द
नहीं
होता।
कई रोगी
उसे
हानिविहीन
भी समझ
सकते
हैं और
अपने
फिजिशियन
का
ध्यान
उधर ले
जाने
में देर
हो सकती
है।
लक्षणों
में
शामिल
है - (1)
अण्डग्रन्थि
मे छोटा,
दर्द
विहीव
लम्प, (2)
अण्डग्रन्थि
का
बढ़ना (3)
अण्डग्रन्थि
में या
उरूमूल
में
भारीपन (4)
अण्डग्रन्थि
में
पीड़ा (5)
अण्डग्रन्थि
की
अनुभूति
में
बदलाव (6)
पुरूष
की
छातियों
और
निप्पलों
का बढ़
जाना (7)
अण्डकोश
में
अचानक
तरल
पदार्थ
या रक्त
का भर
जाना।
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