| राष्ट्रीय
ग्रामीण
स्वास्थ्य-
मिशन |
राष्ट्रीय
ग्रामीण
स्वास्थ्य
मिशन
(2005-12) जिन
18
राज्यों
मे जन
स्वास्थ्य
सूचक
क्षीण
है और/या
उनकी
अवसंरचना
में
जन
स्वास्थ्य
सूचक
क्षीण
हैं,
उन
राज्यों
पर
विशेष
ध्यान
केन्द्रित
करते
हुए
समस्त
देश
मे
ग्रामीण
जनसंख्या
को
स्वास्थ्य
की
देखरेख
के
लिए
प्रभावी
साधन
उपलब्ध
कराना
चाहता
है
|
|
| राष्ट्रीय
ग्रामीण
स्वास्थ्य-
मिशन |
महत्वपूर्ण
कोर
नीति
|
|
|
|
|
 |
| राष्ट्रीय
ग्रामीण
स्वास्थ्य
मिशन
के
अधीन
नई
पहल |
मातृ
मृत्युदर
कम
करना
-
बन्ध्यीकरण
सहित
अन्य
सेवाओं
की
व्यवस्था
में
निजी
प्रबंधकों
को
शामिल
करना।
-
जनसंचार
के
साधनों
द्वारा
परामर्श
देना
-
गर्भनिरोधकों
का
सामाजिक
विपणन
-
डिपो
धारकों
के
रूप
मे
कार्य
करने
के
लिए
पंचायती
राजसंस्थाओं
को
सम्मिलत
करना।
|
|
 |
| राष्ट्रीय
ग्रामीण
स्वास्थ्य
मिशन
के
अधीन
नई
पहलः |
मातृ
मृत्युदर
कम
करना
|
|
|
|
|
प्रसव
पूर्व
देखरेख
पर
ध्यान
केन्द्रित
करते
हुए
समस्त
गर्भाविधि
के
दौरान
जांच
करते
रहना।
उपयुक्त
रेफरल
और
परिवहन
सहायता
उपलब्ध
कराना।
सेवा
प्रबंधकों
और
गर्भवती
महिलाओं
के
बीच
प्रभावी
संपर्क
बनाने-
प्रसव
कराने
के
लिए
महिलाओं
के
साथ
प्रसव
केन्द्रों
पर
जाने
और
उनकी
मदद
करने
के
लिए
अधिकृत
सामाजिक
स्वास्थ्य
कार्यकर्ताओं
की
व्यवस्था
करना। |
|
सिजेरियन
आप्रेशन
के
लिए
व्यवस्था
निजी
क्षेत्र
से
विशेषज्ञों
की
सेवाएं
लेने
के
लिए
प्रति
आप्रेशन1500/-रु.
तक |
|
प्रति
प्रसव
नगदी
लाभ
का
मापदण्ड
(रूपयों
में)
|
ग्रामीण
क्षेत्र |
शहरी
क्षेत्र |
| श्रेणी |
संस्थागत
प्रसव |
घर
पर
प्रसव |
अधि.सा.
स्व.
कार्यकर्ता |
संस्थागत
प्रसव |
घर
पर
प्रसव |
अधि.सा.
स्वकार्यकर्ता |
| निम्न
निष्पादन
वाले
राज्य |
1400 |
500 |
600 |
1000 |
500 |
200 |
| उच्च
निष्पादन
वाले
राज्य |
700 |
500 |
|
600 |
500 |
|
|
- एल. पी.
एस. निम्न
निष्पादन
वाले
राज्य
(10राज्य)
8 ई. ए. जी.
राज्य
और
आसाम
एवं
जम्मू
और
कश्मीर।
- एच. पी.
एस. उच्च
निष्पादन
वाले राज्य-
अन्य सभी
और संघ
राज्य
क्षेत्र।
|
|
|
|
|
|