होम  जे.एस.के. के संबंध में  -  पर्यवलोकन  -  लक्ष्य और उद्देश्य
पर्यवलोकन  
- जे.एस.के. का अधिदेश
- लक्ष्य और उद्देश्य
- सरकार का संकल्प
- जे.एस.के. का सामान्य निकाय
- शासी बोर्ड
- कार्यपालक निदेशक
जे.एस.के.  के कार्य
जे.एस.के.  किस प्रकार भिन्न है?
जे.एस.के.  की निधि
सदस्यता का पंजीकरण
दान और अंशदान
जिला स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े
  

विश्व की जनसंख्या

भारत की जनसंख्या

जनसंख्या का विषय
महत्वपूर्ण क्यों है ?
सरलीकृत जनसंख्या की अवधारणा
सरकार के प्रचलित कार्यक्रम
जनसंख्या से संबंधित संपर्क

यौन और जनन स्वास्थ्य पर 
प्राय पूछे जाने वाले

सीधे उत्तर

जे.एस.के. के लक्ष्य और उद्देश्य
 

)

1) 

ऐसे कार्यकलापों की व्यवस्था करना या उन्हें करना जिनका लक्ष्य धारणीय आर्थिक विकास या सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षरण की आवश्यकताओं अनुरूप स्तर पर सन् 2045 तक जनसंख्या स्थिर करना हो।

 

2)

 ऐसी योजनाओं कार्यक्रमों, परियोजनाओं और पहलुओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें सहायता पहुंचाना जिनसे गर्भ निरोध और जनन बाल स्वास्थ्य देखरेख के लिए अनापूर्ति आवश्यकताओं को प्राप्त किया जा सके।

 

3) 

सरकारी निजी एवं स्वैच्छिक क्षेत्र में नए विचारों को प्रोत्साहित करना एवं सहायता पहुंचाना ताकि राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 के उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके।

 

4)

 जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए किए जाने वाले राष्ट्रीय प्रयासों के पक्ष में उत्साहों लोगों के आंदोलन को सुविधाएं प्राप्त कराना।

 

5)

 जनसंख्या स्थिरीकरण के राष्ट्रीय कारण को बढ़ावा देने के लिए देश और विदेशों में व्यक्तियों,व्यापार संगठनों और अन्य से प्राप्त अंशदनों को सरणीबद्ध करने की सुविधा उपलब्ध कराना,

)

 

कोष के उद्देशेयों को प्राप्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों में धर्म, समुदाय, जाति या वर्ग के आधार पर कोई भेद भाव नहीं किया जाएगा।

)

 

कोष की समस्त आय, उपार्जन, चल और अचल संपत्तियों का उपयोग इसके लक्ष्यों और उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए ही किया जाएगा जैसा कि संगम ज्ञापन में निर्धारित किया गया है और कोष की आय और संपत्ति के किसी भी भाग की अदायगी या उसका अंतरण, लाभांश बोनस या लाभ के रूप में कोष के किसी भी वर्तमान या पूर्व सदस्यों को किसी अन्य व्यक्ति को किसी भी व्यक्ति या कोष के वर्तमान या पूर्व सदस्यों के माध्यम से किसी भी प्रकार से नहीं किया जाएगा। कोष का कोई भी सदस्य या कोई व्यक्ति अपनी सदस्यता के कारण संपत्ति पर या उसके किसी भी लाभ पर अपना कोई दावा नहीं कर सकता/सकती। कोष के लेखाओं की लेखापरीक्षा नियमानुसार की जाएगी।

नियम एवं विनियम

इन नियमों, इसके आगे जब तक अन्यथा अपेक्षित हो, तब तकः

  1. अधिनियम से आशय होगा 1860 का सोसाइटी पंजीकरण अधिनियमः
  2. अध्यक्ष से आशय कोष के शासी बोर्ड के उस अध्यक्ष से होगा जो इसके साथ-साथ कोष का भी अध्यक्ष होगा।
  3. सामान्य निकाय से आशय कोष के सामान्य निकाय से होगा।
  4. शासी बोर्ड से आशय कोष के शासी बोर्ड से होगा।
  5. कार्यपालक निदेशक से आशय बोर्ड के कार्यपालक निदेशक और कोष के सदस्य सचिव से होगा।
  6. प्रायोजक (कों) से आशय सरकारी और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी संस्थाओं से होगा।

 

New Page 2

 © प्रतिलिपि अधिकार 2007,  जनसंख्या स्थिरता कोष , सर्वाधिकार सुरक्षित

 

(पिछला अद्यतनीकृतः 15.01.2008)