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जनसंख्या संवेग

भारत की जनसंख्या वृद्धि दर कई वर्षों से कम हो रही है परन्तु कुल जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है क्योंकि कुल जनसंख्या का 51 प्रतिशत भाग जनन आयु वर्ग (15-49) में है। इसलिए प्रतिवर्ष लाखों व्यक्ति इसमें और जुड़ते जाएंगे। आज 260 लाख बच्चे प्रतिवर्ष जन्म लेते है। इस चालू स्तर पर जनसंख्या स्थिर होने में अभी और कई दशक का समय लगेगा। जानकारी और पहुंच की समस्याओं के कारण बहुत बड़ी संख्या में व्यक्ति गर्भनिरोध संबंधी सेवाओं का उपयोग नहीं कर सकते, यद्यपि वे सेवाएं देश में उपलब्द है। जनता में जागरूकता पैदा करने के लिए शिक्षित लोगों विशेषतः उन लोगों का इस कार्य में सम्मिलित होना नितान्त आवश्यक है जो अपने क्षेत्र में प्रभावशाली हों और विशिष्टता बनाने की क्षमता रखते हों।

कुछ तथ्य
  • 1880 लाख जोड़ों को गर्भनिरोधक की आवश्यकता है।

  • उनमें से केवल 53 प्रतिशत व्यक्ति ही गर्भनिरोधक का प्रयोग कर रहें हैं।

  • जानकारी और पहुंच संबंधी समस्याओं के कारण बहुत बड़ी संख्या में लोग गर्भनिरोध सेवाओं का उपयोग नहीं कर सकते यद्यपि वे सेवाएं यहां उपलब्ध हैं।

  
कुछ तथ्य
  • बार-बार बच्चों को जन्म देना बहु शिशु (और बच्चों) की मृत्यु के लिए बीमा है।

  • कुछ राज्यों में 50 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 वर्ष से कम आयु में ही कर दी जाती है।

  • पुनरावर्ती गर्भादान।

  • परिणाम "बहुत शीघ्र अत्यधिक बार-बार अनेक"।

स्रोत आर. सी. एच. एवं डी. एल एच एस 2002-2004-अगस्त 2006 में प्रकाशित स्रोत आर. सी. एच. एवं डी एल एच एस 2002-2004-अगस्त- 2006 में प्रकाशित

 

 

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 © प्रतिलिपि अधिकार 2007,  जनसंख्या स्थिरता कोष , सर्वाधिकार सुरक्षित

 

(पिछला अद्यतनीकृतः 15.01.2008)